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बहराइच, गोंडा व श्रावस्ती के 12 उपनिरीक्षक निलंबित: बीमा फर्जीवाड़े का खुलासा

सशक्त न्यूज नेटवर्क
गोंडा। सड़क दुर्घटना मामलों की विवेचना में गंभीर अनियमितता और बीमा क्षतिपूर्ति में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद देवीपाटन मंडल के आईजी अमित पाठक ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में बहराइच, गोंडा व श्रावस्ती जिलों के 12 उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। दुर्घटना बीमा के लिए नामित बीमा संस्था के अधिकारी की शिकायत पर हुई जांच में यह पूरा खेल सामने आया है। आईजी ने बताया कि प्रकरण में कड़ी कार्रवाई की गई है और जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एसआईटी गठित कर सड़क दुर्घटना के मामलों की जांच कराने का आदेश दिया गया है।

15 पुलिस कर्मियों पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के संकेत

जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने सड़क दुर्घटना मामलों की विवेचना के दौरान तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया तथा नियमों की अनदेखी करते हुए बीमा कंपनियों से क्षतिपूर्ति दिलाने में गंभीर लापरवाही बरती। इस मामले में कुल 15 पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जिनमें 12 उपनिरीक्षक निलंबित किए गए हैं। वहीं, तीन उपनिरीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। आईजी ने बताया कि इस मामले में अन्य दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है।

निलंबित उपनिरीक्षकों में ये शामिल

निलंबित किए गए उपनिरीक्षकों में बहराइच जनपद के हरदी थाने के उपनिरीक्षक अरुण कुमार पांडेय, थाना रामगांव के उपनिरीक्षक संजीव कुमार, थाना नवाबगंज के अशोक कुमार, थाना नानपारा के उपनिरीक्षक अशोक कुमार एवं विवेक यादव, थाना मटेरा के उपनिरीक्षक तेज नारायण यादव व राकेश कुमार, थाना नानपारा के उपनिरीक्षक राजेश्वर सिंह, थाना रामगांव के रुपनारायन गौड़, थाना मोतीपुर के उपनिरीक्षक विजय यादव व दिवाकर तिवारी, थाना बौंडी के उपनिरीक्षक मेहताब आलम शामिल हैं।

इसके अलावा गोंडा में खरगूपुर के उपनिरीक्षक शेषनाथ पांडेय, इटियाथोक के शशांक मौर्य, श्रावस्ती जनपद के इकौना थाने के उपनिरीक्षक शैलेश कुमार व प्रेमचंद तथा भिनगा थाने के निरीक्षक योगेश सिंह व उपनिरीक्षक गुरुसेन सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है।

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