नलकूप फीडरों में नहीं दौड़ा करंट, नहीं पूरा हो पाया निर्बाध बिजली का सपना
सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। जिले के करीब 22 हजार उपभोक्ताओं का निर्बाध बिजली आपूर्ति का सपना पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में लोगों को सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इन उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली देने के लिए अलग से फीडर बनाए जा रहे हैं।
पहले चरण में 28 फीडर बनकर तैयार हो गए हैं, लेकिन इनमें अभी तक करंट नहीं दौड़ा है। वहीं 44 फीडरों को बनाने का काम चल रहा है। अभियंताओं और कार्यदायी एजेंसियों की लेटलतीफी के चलते उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नलकूप उपभोक्ताओं को अभी तक ग्रामीण फीडरों से बिजली मिल रही है। जर्जर लाइनों के तारों की वजह से आए दिन फॉल्ट बना रहता है। गर्मी में सभी फीडर ओवरलोड हो जाते हैं। ऐसे में किसानों के नलकूप क्षमता से नहीं चल पाते। इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने नलकूप उपभोक्ताओं को सीमित बिजली देने के लिए अलग से फीडर बनाने की कार्ययोजना तैयार की।
योजना के तहत नलकूप उपभोक्ताओं को अलग से फीडर बनाकर बिजली आपूर्ति करनी है। पहले चरण में 28 फीडर बनाए जाने थे, जो बनकर तैयार हो गए हैं, लेकिन अब तक इनमें करंट नहीं दौड़ा है। इस वजह से उपभोक्ताओं को पुरानी लाइन से जोड़कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। दूसरे चरण में 44 फीडर बनाने का काम चल रहा है।
इनसेट
10 घंटे बिजली आपूर्ति की चल रही तैयारी
रायबरेली। प्रदेश सरकार ने नलकूप उपभोक्ताओं के लिए बिजली मुफ्त कर दी है। अब इन्हें सीमित बिजली आपूर्ति करने के लिए अलग से फीडर बनाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि फीडर बनने के बाद नलकूप उपभोक्ताओं को 10 घंटे बिजली दी जाएगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने की तैयारी चल रही है। मौजूदा समय में नलकूप उपभोक्ताओं और ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली दी जाती है। फीडर अलग होेने से अन्य उपभोक्ताओं को भी बिजली समस्या से राहत मिलेगी।
जल्द शुरू कराई जाएगी फीडरों से बिजली
नलकूप उपभोक्ताओं के लिए जो फीडर बनकर तैयार हो गए हैं, उनसे बिजली आपूर्ति शुरू कराने की तैयारी चल रही है। निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि शेष फीडराें का काम भी जल्दी पूरा कराया जाए, ताकि किसानों को स्वतंत्र फीडर से बिजली मिल सके।
अनुभव कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल प्रथम