चौकियां बना अराजकतत्वों समेत अपराधियों पर नकेल की पुलिस कर रही तैयारी

ऊंचाहार (रायबरेली): प्रतापगढ़ व फतेहपुर जनपद की सीमा से जुड़ाव होने के कारण क्षेत्र मादक पदार्थों की तस्करी से लेकर जुवाड़ियों का अड्डा व अराजकता का केंद्र बन चुका था। हालांकि कुछ दिन पूर्व पुलिस ने अपराध और अपराधियों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही कर नकेल कसने का प्रयास तो किया। लेकिन अपराधियों की जड़ें अभी भी फैली हुई हैं।

भय मुक्त वातावरण के लिए जनपदों की सीमा समेत चार चौकियां बनाए जाने की पहल शुरू हो गई है। कवायद है कि इन चौकियों के स्थापित होते ही पुलिस की तैनाती के बाद क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी, चोरी, स्नैचिंग समेत अराजकता पर पूर्ण रूप से विराम लग जाएगा।
कोतवाली क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति अन्य थानों से अलग है। सबीसपुर स्थित प्रतापगढ़ सीमा से बदमाशों के घुसपैठ समेत क्षेत्र में भारी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी होने की बात कही जाती रही है।

पूरे तीर खरौली गंगा नदी पर पक्का पुल बन जाने से फतेहपुर, बांदा कौशांबी आदि जनपदों से बदमाश क्षेत्र में प्रवेश कर चोरी, लूट, स्नैचिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देते हुए अशांति फैलाते रहे हैं। जमुनापुर चौराहा पर पुलिस चौकी न होने के कारण अराजकता तत्वों ने फतेहपुर जनपद निवासी हरिओम को चोर समझकर पीट-पीटकर बेरहमी पूर्वक उसकी हत्या कर दी थी।

क्षेत्र वासियों का मानना है कि यदि समय पर पुलिस पहुंच जाती तो निर्दोष की जान बच जाती। हालांकि मामले में पुलिस की काफी फजीहत भी हुई। घटना में कोतवाल समेत कई पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही भी हुई। नए कोतवाल ने कार्यभार ग्रहण करते ही जनपद की सीमाओं पर साधन चेकिंग अभियान चलाते हुए घटनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिश शुरू कर दी है।

बढ़ते आपराधिक मामलों को देखते हुए क्षेत्र वासियों द्वारा प्रतापगढ़ जनपद सीमा के सबीसपुर, फतेहपुर जनपद की सीमा खरौली गंगा पुल, जमुनापुर चौराहा तथा चंड़रई चौराहे के पास पुलिस चौकियां बनाए जाने की मांग की जा रही थी। पुलिस अधीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए इन चारों स्थान पर पुलिस चौकियां बनाई जाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है।

कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि जनपद की दोनों सीमाओं समेत जमुनापुर व चंड़रई चौराहा के पास पुलिस चौकी बनाए जाने की उच्च अधिकारियों से मांग की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही चौकियों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

इसके बाद दुर्घटनाओं पर विराम लगने के साथ ही क्षेत्र में अपराध और अराजकता पर भी अंकुश लग सकेगा। लोगों में शांति एवं सुरक्षा का माहौल बनाए रखना पुलिस का नैतिक कर्तव्य है।

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