चक्रवात अर्नब का कहर: आंध्र प्रदेश में पांच की मौत, ओडिशा में 30 हजार से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
तेज हवाओं से उखड़े पेड़ और बिजली के खंभे, कई उड़ानें रद्द; तटीय इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम के बीच तट से टकराया। तूफान के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंध्र प्रदेश में तूफान से पांच लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। उधर, ओडिशा में चक्रवात के खतरे को देखते हुए 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य के दक्षिणी हिस्से में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब ने बुधवार सुबह करीब आठ बजे तक आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार करने की प्रक्रिया पूरी कर ली। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही, जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। तेज हवाओं के कारण काकीनाडा और विशाखापत्तनम समेत कई इलाकों में पेड़ गिरने तथा बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचने से आवागमन प्रभावित हुआ। राहत और बचाव दल सड़कों पर गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने में जुटे हैं।
चक्रवात के असर से विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी में विमान सेवाएं भी प्रभावित हुईं। कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी है।
ओडिशा में भी सतर्कता
चक्रवात के आगे बढ़ने की आशंका के बीच ओडिशा सरकार ने दक्षिणी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री के अनुसार, 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और समुद्र की ओर नहीं जाने की अपील की गई है।

