सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली / लखनऊ:
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले रायबरेली राज्य की सियासत का प्रमुख केंद्र बनता नजर आ रहा है। बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रायबरेली से अपनी ‘पीडीए रथ यात्रा’ की शुरुआत करते हुए जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में अखिलेश यादव के इस दौरे और उनके साथ उमड़े भारी जनसमर्थन को गठबंधन के बीच राजनीतिक बढ़त और अपना सियासी कद दिखाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
8 जिलों के नेता और कार्यकर्ताओं का लगा जमावड़ा
अखिलेश यादव की इस रथ यात्रा में न केवल रायबरेली, बल्कि आसपास के आठ जिलों—अमेठी, फतेहपुर, जौनपुर, सुल्तानपुर, हरदोई, प्रतापगढ़ और उन्नाव—से पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और भावी प्रत्याशी पहुंचे। इस भारी भीड़ और जनसमर्थन के जरिए सपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की पकड़ और जनाधार बेहद मजबूत है।
सीट बंटवारे की अंदरूनी खींचतान के बीच बड़ा संदेश
संभावित प्रत्याशियों और पार्टी नेताओं में इस यात्रा के दौरान टिकट पाने की होड़ साफ दिखाई दी। रायबरेली की छह विधानसभा सीटों पर 2022 के चुनावों में सपा ने चार सीटों (सरेनी, बछरावां, ऊंचाहार, हरचंदपुर) पर जीत दर्ज की थी, जबकि दो सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। पार्टी पदाधिकारियों का दावा है कि इस बार प्रदेश भर में माहौल सपा के पक्ष में है और पार्टी सभी सीटों पर पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगी।
रायबरेली बना नए राजनीतिक समीकरणों का केंद्र
विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच रायबरेली में दिग्गज नेताओं की आवाजाही तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हाल ही में दो बार रायबरेली का दौरा कर करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण कर चुके हैं। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस महीने जिले का दौरा किया था। अब अखिलेश यादव की इस रथ यात्रा ने जिले का राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
अपनी यात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से पूरी ताकत के साथ मैदान में जुटने का आह्वान किया।

