आश्रम में मांगी मन्नत तो घर में गूंजी किलकारी कराया भंडारा
सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। घर में बच्चे ना होने से लोग दुखी थे घर में कोई संतान नहीं थी। डलमऊ गंगा तट पर बने सनातन धर्म पीठ बड़ा मठ परिसर में आए और मन्नत मांगी की बेटी व बेटा होंगे तो भंडारा करेंगे। संतों की कृपा से घर में दो बेटे वह तीन बेटियों की किलकारी गूंज रही हैं। मन्नत पूरी हुई तो 500 लोगों के साथ आश्रम आए और सोमवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया।
अमरनाथ निषाद कौशांबी उनके धर्मपत्नी ने आज से 30 वर्ष पूर्व बड़ा मठ डलमऊ में पूर्व महंत स्वामी श्री बद्री नारायण गिरि जी महाराज के समाधि पर एक मान्यता मांगी की मेरे पुत्र रत्न प्राप्त होगा तो यहां पर भंडारे का आयोजन करूंगा डलमऊ यह ऐसा तीर्थ स्थल है।
जहां पर अनेक ऋषि महात्माओं ने त्याग तपस्या साधना करके इस स्थल को पवित्र व ध्यान स्थली गंगा का तट चुना यहां के महात्माओं द्वारा अनेक लोगों को पुत्र रत्न व अनेक प्रकार की व्याधियों से मुक्ति मिल रही है। इस स्थान पर लोग पहुंच करके खुद को धन्य समझते हैं तथा संत महात्माओं से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
पूर्व महंत की इतनी तपस्या से मां गंगा आश्रम के ठीक निकट निरंतर प्रवाहित रहती है और उन्हीं की कृपा से बड़ा मठ डलमऊ जिला अपितु अनेक जनपदों में भी इस स्थल का बड़े हर्ष के साथ नाम लिया जाता है