आत्मविश्वास, अनुशासन और समय प्रबंधन को बताया सफलता का मूल मंत्र
सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। देवानंदपुर स्थित श्री के.बी. सिन्हा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित ‘गीता संवाद’ कार्यक्रम ने छात्राओं के भीतर आत्मचिंतन, आत्मबल और सकारात्मक दृष्टिकोण की नई ऊर्जा का संचार किया। मातृभूमि सेवा मिशन, धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने छात्राओं को संबोधित करते हुए जीवन प्रबंधन और व्यक्तित्व निर्माण के व्यावहारिक सूत्र और मन की स्थिरता ही छात्र जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी अपने मन को संयमित रखकर संकल्प कर लक्ष्य निर्धारित करें और अनुशासित दिनचर्या अपनाएं, तो कोई भी बाधा उनके मार्ग को रोक नहीं सकती। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता को जीवन का दर्पण बताते हुए कहा कि यह केवल आध्यात्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन की सशक्त मार्गदर्शिका है, जो निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल विकसित करती है।
उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आलस्य, भय और संशय सफलता के सबसे बड़े शत्रु हैं। जीत पहले मन में होती है, फिर मैदान में दिखाई देती है, इस विचार के साथ उन्होंने बताया कि यदि मन स्थिर और संकल्प दृढ़ हो, तो सफलता स्वयं कदम चूमती है। उन्होंने कहा कि गीता का नियमित अध्ययन मन को सकारात्मक बनाता है, विचारों को परिष्कृत करता है और व्यक्तित्व को सुदृढ़ आधार प्रदान करता है।
अनुशासन और समय का सम्मान ही भविष्य निर्माण की आधारशिला है। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. श्रीमती बरखा भारती ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रम छात्राओं के नैतिक एवं बौद्धिक विकास को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने मातृभूमि सेवा मिशन के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे चरित्र निर्माण की सार्थक पहल बताया। समापन पर छात्राओं ने आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मातृभूमि सेवा मिशन के संयोजक प्रदीप पांडेय, संरक्षक महेंद्र अग्रवाल, अध्यक्ष रामराज गिरी, महामंत्री देवेंद्र नाथ मिश्रा व मंडल अध्यक्ष भगवत प्रताप सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षिकाएं माधवी पाल, अंजू शरण, गायत्री देवी, संतोष कुमारी, भावना गुप्ता, अंजू मौर्या सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती नीलिमा द्विवेदी ने प्रभावी ढंग से किया।