सशक्त न्यूज नेटवर्क।
रायबरेली। भीरा गोविंदपुर में आवंटन की भूमि से पुराना कब्जा हटाए जाने से नाराज एक व्यक्ति ने मंगलवार को पुलिस के सामने आत्मदाह की कोशिश की। उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई। झुलसे व्यक्ति को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद तहसील और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पीड़ित सूरजभान की पत्नी सपना का आरोप है कि जिस जमीन से कब्जा हटाया गया, उस पर उनका परिवार करीब 40-50 वर्षों से रह रहा था। इसके बावजूद प्रशासन ने उनका पक्ष सुने बिना कब्जा हटा दिया। सपना ने क्षेत्रीय लेखपाल पर प्रतिपक्षी के रिश्तेदार होने और उसे लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है।
हालांकि, लेखपाल ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कब्जा करीब दो वर्ष पुराना था। दीपक यादव की ओर से जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की गई थी। इसी शिकायत के आधार पर उपजिलाधिकारी के आदेश पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाया गया।
महिलाओं को थाने ले जाने का आरोप
सपना का आरोप है कि शनिवार को कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान महिला पुलिसकर्मी उसे और उसकी ननद शीला को थाने ले गईं। दोनों को दिनभर थाने में बैठाए रखा गया और शाम करीब पांच बजे छोड़ा गया। सपना के मुताबिक, पति ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसी से आहत होकर मंगलवार को उन्होंने आत्मदाह की कोशिश की।
मलबे में सामान दबाने का भी आरोप
पीड़ित परिवार ने कार्रवाई के दौरान मौके पर रखा तीन सेट समेत अन्य सामान मिट्टी में दबाए जाने का भी आरोप लगाया है। बुधवार को परिवार ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम बोलीं- शिकायत पर हटाया गया कब्जा
उपजिलाधिकारी प्रीती सिंह ने बताया कि आईजीआरएस पर शिकायत मिली थी। उसी के क्रम में कब्जा हटाया गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
