सशक्त न्यूज नेटवर्क
अमृतसर: पंजाब में किसानों का आंदोलन एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है। किसान मजदूर मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार को गुरुवार दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने पर मोर्चे ने रेल रोको आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया।
मोर्चे के नेता सरवण सिंह पंधेर के मुताबिक, किसानों ने करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराया था। इसके बाद 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। पिछले कुछ दिनों से किसान पंजाब सरकार के मंत्रियों के आवासों के बाहर भी धरना दे रहे हैं।
छह जगहों पर रेलवे ट्रैक पर पहुंचे किसान
मोर्चे के अनुसार, पहले चरण में अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम में रेलवे ट्रैक पर आंदोलन किया गया। मोगा में किसानों को रोकने के लिए पुलिस की तैनाती की गई थी। यहां किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद किसान रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया।
अमृतसर के देवीदासपुरा रेलवे ट्रैक पर भी किसान धरने पर बैठे। मोर्चे की ओर से पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे धरनों को जारी रखने की बात कही गई है।
MSP समेत कई मांगों पर अड़े किसान
किसान मजदूर मोर्चा की प्रमुख मांगों में फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, सरकारी खरीद, किसानों और मजदूरों की कर्जमाफी तथा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को नौकरी और मुआवजा देना शामिल है। घायल किसानों के लिए भी मुआवजे की मांग की गई है।
इसके अलावा पराली, पुलिस और रेलवे से जुड़े मामलों को वापस लेने तथा पिछले किसान आंदोलनों के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की मांग भी उठाई गई है। मोर्चे ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
सरकार पर बातचीत नहीं करने का आरोप
किसान नेताओं का आरोप है कि लगातार प्रदर्शन और मांगपत्र देने के बावजूद सरकार की ओर से बातचीत को लेकर गंभीर पहल नहीं की गई। उनका कहना है कि इसी वजह से आंदोलन को रेलवे ट्रैक तक ले जाने का फैसला करना पड़ा।
मोर्चे के मुताबिक, शंभू-खनौरी आंदोलन के दौरान करीब 3.77 करोड़ रुपये के नुकसान और सैकड़ों किसानों के घायल होने का दावा किया गया है। किसानों ने इस नुकसान के मुआवजे की भी मांग उठाई है।
