सशक्त न्यूज नेटवर्क
कानपुर: बिकरू कांड के मुख्य आरोपी रहे विकास दुबे की मौत के करीब छह साल बाद नगर निगम ने उसका मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी कर दिया है। जुलाई 2020 में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे का नाम अब आधिकारिक मृत्यु प्रमाण-पत्र के दस्तावेज में भी दर्ज हो गया है।
विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार करने के बाद कानपुर लाया जा रहा था। 10 जुलाई 2020 को कानपुर के सचेंडी क्षेत्र में पुलिस के अनुसार वाहन पलटने के बाद उसने भागने की कोशिश की और मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद एनकाउंटर को लेकर कई सवाल उठे थे। मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग भी गठित किया गया था।
अब छह साल बाद नगर निगम की ओर से मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के बाद दस्तावेजी रिकॉर्ड में भी विकास दुबे की मौत दर्ज हो गई है। खास बात यह है कि एनकाउंटर के वर्षों बाद मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी होने की खबर सामने आने से एक बार फिर विकास दुबे और बिकरू कांड चर्चा में आ गया है।
बिकरू कांड के बाद देशभर में सुर्खियों में आया था नाम
2 जुलाई 2020 की रात बिकरू गांव में विकास दुबे और उसके साथियों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला हुआ था। इस घटना में आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। इसके बाद विकास दुबे फरार हो गया था और कई दिनों तक पुलिस की तलाश के बाद उज्जैन में पकड़ा गया। अगले ही दिन कानपुर लाते समय उसकी मौत हो गई थी।
छह साल बाद फिर चर्चा में क्यों?
विकास दुबे की मौत के छह साल बाद मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी होना इसलिए चर्चा में है, क्योंकि पुलिस मुठभेड़ में मौत के बावजूद उसका आधिकारिक मृत्यु दस्तावेज अब जारी हुआ है। नगर निगम के रिकॉर्ड में प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ ही उसकी मृत्यु संबंधी दस्तावेजी प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।
