सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। एनटीपीसी परियोजना की पांचवीं यूनिट के बॉयलर में शनिवार दोपहर रिसाव होने से बिजली उत्पादन ठप हो गया। 210 मेगावाट क्षमता वाली इस यूनिट को करीब 37 दिन तक वार्षिक अनुरक्षण के लिए बंद रखा गया था। दो अक्टूबर को इसे चालू किया गया, लेकिन एक सप्ताह के भीतर ही बॉयलर ट्यूब में रिसाव की समस्या सामने आ गई। इससे यूनिट के अनुरक्षण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, परियोजना प्रबंधन यूनिट बंद होने की वजह तकनीकी परीक्षण बता रहा है।
ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी परियोजना में कुल 1550 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है। यहां 210-210 मेगावाट क्षमता की पांच यूनिट और 500 मेगावाट क्षमता की छठी यूनिट स्थापित है। पांचवीं यूनिट को 24 अगस्त को वार्षिक अनुरक्षण के लिए बंद किया गया था। करीब 37 दिन तक मरम्मत और अनुरक्षण का काम चलने के बाद दो अक्टूबर को यूनिट से दोबारा बिजली उत्पादन शुरू हुआ।
हालांकि, यूनिट चालू होने के कुछ ही दिनों बाद बॉयलर ट्यूब में रिसाव की समस्या आ गई। इसके चलते यूनिट को बंद करना पड़ा और 210 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हो गया। अनुरक्षण के बाद भी यूनिट के पूरी क्षमता से नहीं चल पाने को लेकर परियोजना के अभियंताओं की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
पांचवीं यूनिट बंद होने से परियोजना का कुल बिजली उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। शनिवार शाम परियोजना की पांच यूनिटों से कुल 964 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था।
परियोजना की जनसंपर्क अधिकारी प्रिया कुमारी ने बताया कि तकनीकी परीक्षण के लिए पांचवीं यूनिट को बंद किया गया है। जल्द ही यूनिट को चालू कर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

