सशक न्यूज चैनल
प्रयागराज। किस्मत का खेल भी बड़ा निराला है। जिस बेटी को मृत समझकर परिवार ने उसका अंतिम संस्कार तक कर दिया था, वही बेटी अब जिंदा लौट आई है। करीब 35 दिनों तक मौत का मातम मनाने वाले परिवार में अब खुशियों की दस्तक होने वाली है। गुजरात के वडोदरा से सकुशल प्रयागराज लाई गई प्रीती बुधवार को अपने परिजनों से मिलेगी।
नवाबगंज के उमरावगंज निवासी कमला देवी की बेटी प्रीती को मृत मानकर परिजनों ने 30 सितंबर को एक अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। परिवार को उस समय यही लगा था कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही। लेकिन कहानी में उस समय नया मोड़ आया, जब प्रीती के जिंदा होने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद पुलिस ने प्रीती को गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र से वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की। सोमवार देर रात पुलिस टीम उसे लेकर प्रयागराज पहुंची। बेटी के सकुशल लौटने की खबर मिलते ही परिवार की उम्मीदें फिर से जाग उठीं।
हालांकि मंगलवार को प्रीती के परिजनों से मिलने की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। नवाबगंज इंस्पेक्टर पंकज अवस्थी के मुताबिक, नियमानुसार प्रीती का मेडिकल परीक्षण कराया जाना था, लेकिन अस्पताल में प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लग गया। देर होने के कारण उसे मंगलवार को परिवार के सुपुर्द नहीं किया जा सका।
सुरक्षा और कानूनी औपचारिकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उसे फिलहाल प्रयागराज के नारी संरक्षण केंद्र में रखा है। वीडियो कॉल पर बेटी को जिंदा देखने के बाद से ही परिजन उससे मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब बुधवार को प्रीती को परिवार के हवाले किए जाने की तैयारी है।
जिस बेटी के नाम पर घर में मातम पसरा था, उसके लौटने से अब उसी घर में खुशियों की दस्तक होने वाली है।

